Antarvasana story:
Brother And Sister Sex Story कि मैं अपनी बहन को चोदना चाहता था. मैंने चोरी से उसे मोबाइल में ब्लू फिल्म दिखा कर उसे गर्म किया तो …नमस्कार दोस्तो, मेरा नाम दीपक है और ये सेक्स कहानी मेरे एक पाठक ने अन्तर्वासना के लिए लिखने के लिए भेजी थी, जिसे मैं आपके सामने पेश करने जा रहा हूं. मैं आशा करता हूं कि आपको मेरी ये ब्रदर एंड सिस्टर सेक्स स्टोरी पसंद आएगी.
दोस्तो, मेरा नाम विजय है, मैं एक कंपनी में पार्ट टाइम जॉब करता हूं और पढ़ाई भी करता हूं. मेरी छोटी बहन का नाम मोनिषा है … और वो कॉलेज कर रही है. पिताजी बस स्टेशन पर कुली का काम करते हैं, मां घर संभालती हैं. हमारा खुद का मकान है, जिसमें एक हॉल, एक रूम, लेटबाथ और किचन है.
एक दिन की बात है जब हम दोनों भाई बहन शाम को गार्डन में घूमने गए. कुछ समय के पश्चात हम दोनों घर लौट आए और टीवी देखने लगे. वैसे तो मुझे एडल्ट मूवीज या कहा जाए, तो चुदाई की मूवी देखना काफ़ी पसंद हैं. आप सभी अन्तर्वासना के सभी पाठक पाठिकाओं को भी ये सब देखना पसंद होंगी.
मुझे टीवी देखने का कुछ खास शौक नहीं हैं, तो मैं बस यूं ही कुछ टाइम टीवी देखकर अपने रूम में जाकर मोबाइल में पोर्न मूवी देखने लगा.
कुछ टाइम बाद मां ने आवाज लगाई और कहा- बेटा, खाना खा लो.
मां, मैं और मेरी छोटी बहन मोनिषा हाथ मुँह धोकर खाना खाने आ गए. मां ने खाना परोसा और हम सबने बातचीत करते हुए खाना खा लिया. खाना के बाद मैं अपनी बहन के साथ छत पर टहलने चला गया. कुछ टाइम बाद मां भी छत पर आ गईं और वो भी टहलने लगीं.
कुछ देर बाद मां ने कहा- चलो बेटा बहुत देर हो गई, अब तुम अपने रूम में जाकर पढ़ाई करो.
उनकी बात सुनकर हम दोनों भाई बहन अपने रूम में जाकर पढ़ाई करने लगे. मगर मेरा पढ़ाई में जी नहीं लग रहा था, तो मैंने कुछ टाइम के बाद अपने फोन में इयरफोन लगाया और पोर्न मूवी के मजे लेने लगा.
उसमें मैंने एक ब्लू-फिल्म देखी, जिसमें भाई बहन की चुदाई दिखाई गई थी. तब मेरे मन में मेरी बहन को चोदने का मन करने लगा. मगर सबसे बड़ी परेशानी ये थी कि बहन को कैसे पटाऊँ.
मैंने अपनी बहन से कहा कि मेरे पेट में दर्द हो रहा है … और मैं सो रहा हूं.
बहन ने कहा- भैया, क्या मैं आपकी कुछ मदद कर सकती हूं?
मैंने उससे कहा- अगर तुम थोड़ा मेरा पेट मसल दो, तो शायद ठीक हो जाएगा.
मोनिषा ने खड़े होकर कमरे का दरवाजा अन्दर से बंद किया और अलमारी से तेल ले आयी.
उसने कहा- भैया, आप सीधे लेट जाओ.
तब मैंने बेड से बुक्स वगैरह हटा दीं और सीधा लेट गया. मोनिषा ने मेरे पेट को मसलना शुरू किया.
मुझे अच्छा लगने लगा. उसके कोमल हाथ मुझे बड़ा मजा दे रहे थे. मेरी अपनी बहन को चोदने की कल्पना मुझे गर्म भी कर रही थी.
कुछ देर बाद मैंने मोनिषा से कहा- नाभि से थोड़ा नीचे की साइड में मालिश कर दे.
वो थोड़ा नीचे तेल लगाने लगी, तो मैंने कहा- रुको, मैं पैंट निकाल दूं क्या!
मोनिषा ने इस पर कुछ नहीं बोला तो मैंने पैंट निकाल दी और अंडरवियर पर ही लेट गया. मोनिषा ने थोड़ी मालिश की, तो मैंने अंडरवियर को थोड़ा नीचे कर दिया.
इतने में मोनिषा बोल पड़ी- भैया ठीक है, बस इससे ज़्यादा नीचे मत करो.
चूंकि उसे मेरी झांटें दिखने लगी थीं, तो मैं समझ गया.
मैंने कहा- ठीक है, बस अब तुम सो जाओ.
मोनिषा मेरे साथ ही सोती थी, तो मैंने मोनिषा से गुड नाईट कहा और कम्बल ओढ़ कर सोने का नाटक करने लगा.
कुछ ही पल में मोनिषा सो चुकी थी.
मैंने अपने फ़ोन को ऑन किया और पोर्न मूवी चालू कर दी. जैसे ही मूवी चालू हुयी तो ‘आह उह्ह्ह …’ की जोर से आवाज चालू हो गयी. क्योंकि मैंने इयरफोन निकाल दिया था. एकदम से ब्लू फिल्म की आवाज आई, तो मैं घबरा गया कि कहीं मोनिषा ना जाग जाए.
मैंने एक नज़र देखा, तो मोनिषा सोती हुयी नज़र आयी. उसे सोता देख मुझे शांति हुयी और मैं फिर से मूवी इंजॉय करने लगा.
कुछ देर फिल्म देखते देखते मेरी भी आंख लग गई और मेरा मोबाइल फ़ोन मेरे और मेरी बहन के बीच में गिर गया.
मैंने फ़ोन को लॉक मोड से हटा दिया था और स्क्रीन टाइम बढ़ा दिया था ताकि फ़ोन बार बार लॉक और स्क्रीन ऑफ़ ना हो.
कुछ टाइम बाद मोनिषा पानी पीने के लिए उठी और सीधे पानी पीकर वापस आयी.
उसको मेरे फोन की लाइट चालू दिखाई दी. उसने मेरे फ़ोन को उठाया और देखा, तो वो दंग सी रह गई.
मोनिषा मेरे पास बेड पर बैठ गई और फोन में चल रही चुदाई के वीडियो देखने लगी.
तभी न जाने कैसे मेरी अचानक से नींद खुल गई, तो मैंने धीरे से करवट बदली.
मैंने देखा कि मोनिषा मेरे फ़ोन को हाथ में लिये बैठी थी. मेरी तो कुछ ऐसी हालत हो गई थी, जैसे चूत में दही जम गया हो. मुझे लगा कहीं मोनिषा मां से ना कह दे. मैं उसे चुपचाप देखता रहा.
मोनिषा को भी चुदाई की मूवी देखने मैं मजा सा आने लगा था. मोनिषा ने लगभग एक से डेढ़ घंटे तक मूवी देखी और उसने फोन को अलमारी में रख दिया.
फिर वो भी सो गयी.
सुबह मोनिषा को कॉलेज जाना था, तो मोनिषा छह बजे उठ गई और नहा कर कॉलेज चली गई. उसके जाने के बाद मैं खड़ा हुआ और मैं भी अपनी ड्यूटी पर निकल गया.
शाम को ड्यूटी से आने के बाद मैं मोनिषा से नज़रें नहीं मिला पा रहा था. मगर आज पिताजी चिकन और ड्रिंक लेकर आए थे. मां ने चिकन बनाया और रोजाना की तरह सभी साथ में बैठ कर खाना खाया.
पिताजी को थोड़ा ज़्यादा ही दारू चढ़ गई थी, तो मां ने हमें अन्दर रूम में जाने को बोला. मैं और मोनिषा रूम में जाकर पढ़ाई करने लगे और मां पिताजी भी सोने के लिए हॉल मैं चले गए. हम दोनों भाई बहन भी अपने रूम में चले गए.
मोनिषा अब मुझे देख रही थी, मगर मैं रात की गलती के कारण उससे नज़रें नहीं मिला रहा था.
तभी मोनिषा मुझसे बोली- भैया आपका पेट का दर्द अब कैसा है?
मैंने कहा- हां अभी ठीक है.
ये बोल कर मैं बुक्स पढ़ने लगा. तभी अचानक पिताजी मां को उत्तेजना में गालियां देने लगे और कहने लगे कि तेरी चुत में लंड फंसा दूंगा भैन की लौड़ी … और आज तो तुझे रात भर चोदूंगा.
मां भी शायद मस्ता गई थीं और वो भी उन्हें उकसाते हुए चुदाई के मजे लेने लगी थीं.
ये पिताजी का आए दिन का मसला था. हम दोनों भाई बहन इस बात से काफी वाकिफ थे.
उन दोनों की मस्त बातें सुनने के बाद हम दोनों ने बुक्स वगैरह रख दीं क्योंकि रात ज़्यादा हो चुकी थी और सोने की तैयारी करने लगे.
तभी मोनिषा ने बेड से उतर कर धीरे से खिड़की खोली, तो पिताजी और मां दोनों नग्न अवस्था में थे और पिताजी मां की चुत को चाट रहे थे.
मोनिषा फिर भी वहां खड़े होकर चुदाई का खेल देखे जा रही थी.
तभी पिताजी ने अपने बड़े से लंड को मां की चुत में पेल दिया. मोनिषा जैसे किसी सोच में पड़ गई.
अचानक मोनिषा को होश आया, तो मोनिषा ने धीरे से खिड़की बंद की और मेरे पास आकर सो गई.
मगर मुझे पता नहीं था कि मोनिषा मां और पिताजी की चुदाई का खेल देख कर सो रही है. कुछ देर बाद मैंने मोनिषा को देखा, तो मोनिषा सो चुकी थी.
तब मैंने अपने मोबाइल में इयरफोन लगा कर चुदाई की मूवी लगाई और मजे से देखने लगा.
कुछ देर चुदाई की मूवी देख कर मेरा लंड खड़ा हो गया, तो मैंने अपनी पैंट निकाल दी और अंडरवियर में ही अपनी बहन के साथ लेट गया.
आज मुझे मेरी बहन मोनिषा को चोदने का बड़ा मन कर रहा था. वैसे भी चुत और लंड में कोई रिश्ता नहीं होता. ये मेरा मानना था.
मैं फिलहाल लेटे हुए ही चुदाई की मूवी देख रहा था और अपने लंड को सहला रहा था. तभी मुझे कुछ ऐसा लगा जैसे शायद मोनिषा सोने का नाटक कर रही है.
आज मैंने भी ये चांस छोड़ना उचित नहीं समझा और फुल वॉल्यूम करके वीडियो देखना शुरू कर दिया. मोनिषा चोर नज़रों से वीडियो देख रही थी. मैंने भी धीरे से अपनी बहन मोनिषा की सलवार में हाथ डालते हुए उसकी पैन्टी में हाथ डाल दिया.
मुझे पता था कि मोनिषा जागी हुयी है, मगर वो सोने का नाटक कर रही है. मैंने धीरे से उसकी चूत पर हाथ फेरा और चुत को सहलाने लगा. मोनिषा की कमसिन चूत पर उसके मुलायम नर्म बाल मुझे काफ़ी मजा देने लगे. मगर मेरी गांड भी फट रही थी कि कहीं मोनिषा चिल्ला ना दे.
मगर ऐसा कुछ नहीं हुआ. मोनिषा चुपचाप अपनी चुत पर मेरे हाथ को फिरवाती रही. मैंने भी बेख़ौफ़ अपनी बहन मोनिषा की चूत पर खूब देर तक हाथ फेरा.
फिर मुझे भी नींद लग गई … मगर मेरा हाथ मोनिषा की चूत पर ही रखा रहा.
मोनिषा ने मुझे सोते देखा, तो उसने मेरा हाथ अपनी पैन्टी से निकाला और वो भी सो गई.
फिर अगले दिन शाम को मोनिषा ने मेरे साथ सोने से इंकार कर दिया और कहने लगी कि मुझे बेड पर सोने पर नींद नहीं आती है.
इस पर मैंने मोनिषा से कहा- इतने दिनों से तुझे नींद आ रही थी … और आज तुझे क्या हुआ?
मोनिषा ने कहा- भैया मैं ज़मीन पर ही बिस्तर बिछा लेती हूं. बेड पर सोते नहीं बनता.
मैंने कहा- हां, ऐसा करते हैं कि हम दोनों ही नीचे ही बिस्तर बिछा लेते हैं.
इस पर मोनिषा कुछ बोल ना पाई और बोली- ठीक है भैया.
मगर मैं तो समझ चुका था कि मोनिषा नीचे क्यों सोने के लिए बोल रही थी … क्योंकि कल रात को मैंने मोनिषा की पैन्टी में हाथ डालकर उसकी चूत मैं उंगली डाल दी थी.
फिर आज हम दोनों ने पढ़ाई भी नहीं और नीचे फर्श पर बिस्तर लगा लिए.
बिस्तर बिछते ही मैं लेट गया. मोनिषा मेरे बाजू में लेट कर अपना फ़ोन चलाने लगी. मैंने भी अपने फ़ोन को चालू किया और इयरफोन लगाकर चुदाई का कार्यक्रम देखना चालू कर दिया. मैं एक कमसिन लौंडिया की हब्शी के लंड से चुदाई के मजे लेने लगा.
मैंने करवट बदल ली थी ताकि मोनिषा ना देख पाए. कुछ देर बाद मोनिषा करवट लेकर बैठ सी गई और मेरे फ़ोन में चुदाई देखने लगी. मगर मुझे इस बात की खबर नहीं थी क्योंकि मेरे कान में इयरफोन लगे होने के कारण मैं उसकी एक्टिविटी पर नज़र नहीं रख पाया.
तभी मोनिषा लेट गई और मुझे पीछे से हाथ लगाकर गुड नाईट बोलकर सो गई.
मैंने भी पीछे पलटकर गुड नाईट कहा और धीरे से उसके मोबाइल फ़ोन को उठा लिया. मैंने उसके फोन में भी चुदाई की एक पोर्न मूवी डाल दी और उसके फ़ोन को रख दिया.
कुछ देर बाद मैंने मोनिषा के लोवर में हाथ डालने की कोशिश की, तो मुझे पता चला कि आज मोनिषा ने लोवर के अन्दर पैन्टी नहीं पहनी थी.
ये महसूस करते ही मुझे तो ऐसा लगा जैसे मेरी लॉटरी ही लग गयी हो. तब मैंने मोनिषा का लोवर धीरे से नीचे सरका दिया. मगर मोनिषा ने करवट ले रखी होने के कारण उसका लोअर पूरा नीचे नहीं हुआ.
मैंने मोनिषा के आधे उतरे लोवर में हाथ डाला और गांड की तरफ से उसकी चुत पर हाथ फेर दिया. ताकि वो दूसरी करवट बदल ले. ये ट्रिक काम कर गई.
कुछ देर बाद मोनिषा पलट गई. मैंने तुरंत ही मोनिषा का लोवर पूरा नीचे कर दिया. अब मोनिषा का लोवर नीचे से हट चुका था. मैंने धीरे से कम्बल हटा दिया. मेरी बहन मेरे सामने नंगी थी.
दोस्तो, मेरी बहन मुझे चुत चोदने देगी ये तो तय हो गया था. मगर अभी भी हम दोनों के मन में एक डर था, जो खुल नहीं पा रहा था.
सेक्सी सिस्टर की चुदाई कहानी में पढ़ें कि मैंने अपनी छोटी बहन की चूत चाट ली थी. अब मैं उसकी चुदाई का मौक़ा ढूँढ रहा था. घर की छत पर रात को मैंने कैसे उसे चोदा?
हैलो फ्रेंड्स, मैं दीपक फिर से एक बार आपके सामने भाई बहन की चुदाई की कहानी के अगले भाग के साथ हाजिर हूँ.
मेरी सेक्सी सिस्टर की चुदाई कहानी के पहले भाग
छोटी बहन की चुदाई की चाह- 1
में अब तक आपने पढ़ा कि मेरे पास विजय नाम के एक पाठक ने अपनी बहन की चुदाई की कहानी लिख कर भेजी थी, जिसमें उसने अपनी बहन के लोअर को उतार दिया था और उसकी चुत में हाथ फेरने लगा था. फिर उस रात वो दोनों सो गए थे.
अब आगे की सेक्सी सिस्टर की चुदाई कहानी:
हैलो मैं विजय, सच बताऊं दोस्तो मेरी इतनी गांड फट रही थी … मगर मेरी बहन की चुत को चोदने के सिवाए फिलहाल मुझे कुछ सूझ नहीं रहा था.
मैंने हिम्मत करते हुए धीरे से अपनी बहन की चुत को चाटना चालू किया और धीरे से मैंने उस की चुत में उंगली डाल दी. मेरी इस हरकत पर मोनिषा ने भी कुछ प्रतिक्रिया नहीं की. मुझे अपनी बहन की चूत में उंगली करने में काफ़ी मजा आने लगा और थोड़ी ही देर बाद मोनिषा ने करवट बदल ली.
अब मैं चुपचाप सो गया.
सुबह सुबह मैंने नींद में मोनिषा की नंगी चुत पर हाथ रख दिया, तो मोनिषा की नींद खुल गई. उसने देखा कि उसके भाई का हाथ उसकी चूत पर है. ये देख कर वो घबरा सी गई. उसका लोवर भी नीचे सरका हुआ था, वो कुछ समझ नहीं पाई और उसने मेरे हाथ को धीरे से हटा दिया. अपने लोवर को ठीक करते हुए वो फ्रेश होने चली गई.
कुछ देर बाद मैं भी खड़ा हुआ और फ्रेश हुआ.
तभी मुझे याद आया कि आज तो संडे है. तो मुझे जाने की कोई जल्दी न रही और मैं रिलेक्स हो गया.
मैंने देखा कि मोनिषा टीवी देख रही थी, तो मैं उसके पार बैठ गया.
मैंने मोनिषा से पूछा कि रात को नीचे सोने से नींद कैसी आयी?
मेरी बहन ने कहा- भैया नींद तो बहुत ही बढ़िया आयी मगर वो …
इतना कह कर वो चुप हो गई. वो मुझसे नजरें नहीं मिला रही थी.
इतने मैं मां ने पिताजी को बाजार से कुछ सामान लाने के लिए कहा, तो पिताजी बोले- तुम भी चलो.
मां और पिताजी कुछ देर बाद बाजार चले गए.
उनके जाते ही मैंने मोनिषा से एक कप चाय के लिए कहा, तो मोनिषा उठकर मेरे लिए चाय बनाने चली गई. मैंने अपने फ़ोन से मैमोरी कार्ड निकाल कर अपने स्मार्ट टीवी में सैट कर दिया और टीवी को यूएसबी मोड पर सैट कर दिया, ताकि टीवी जब भी ऑन हो, यूएसबी के वीडियो चालू हो जाएं.
इसके बाद मैंने लाइट को मेन स्विच से ऑन से ऑफ कर दिया ताकि मोनिषा को ये लगे कि लाइट गई थी इसलिए टीवी बंद हो गया.
इतना करने के बाद मैं अपने रूम में जाकर लेट गया.
मोनिषा ने मुझे आवाज लगाई और कहने लगी- ये लीजिये भैया आपकी चाय.
मैंने मोनिषा को थैंक्स कहा, तो मोनिषा ने मुझसे कहा कि भैया और कुछ जरूरत हो, तो मुझे आवाज लगा देना. मैं टीवी देखने जा रही हूं.
मैंने कहा- ठीक है.
तभी मोनिषा ने जैसे ही टीवी ऑन किया, तो टीवी पर चुदाई की पोर्न मूवीज चालू हो गई.
मैंने धीरे से कमरे की खिड़की खोली और देखने लगा.
मोनिषा ने टीवी का वॉल्यूम कम कर दिया और बड़ी गौर से चुदाई देखने लगी. करीबन आधे घंटे तक मोनिषा ने भाई बहन की चुदाई की मूवी के मजे लिए.
मोनिषा का पूरा ध्यान चुदाई में था, तभी मैंने मोनिषा को आवाज लगाई. तो मोनिषा ने टीवी ऑफ कर दिया.
वो मेरे पास आकर बोली- क्या हुआ भैया?
तब मैंने कहा- मुझे भूख लगी है. कुछ नाश्ता बना दे.
मोनिषा बोली- ठीक है भैया, मैं कुछ स्नेक्स बना देती हूं … तब तक आप टीवी देखिए और मां पिताजी को आने में टाइम भी लगेगा. मैं पहले आपके लिए कुछ बना देती हूं.
मैंने भी ‘ठीक है ..’ कहा और मोनिषा स्नेक्स बनाने किचन में चली गई. मैंने टीवी को यूएसबी मोड से हटा कर नार्मल टीवी मोड पर कर दिया. तब तक मां पिताजी भी आ गए.
मोनिषा भी नाश्ता बना चुकी थी. हम सभी ने साथ बैठकर चाय नाश्ता किया और सभी अपने अपने काम में लग गए.
फिर मैंने देखा कि मोनिषा कहीं दिखाई नहीं दे रही थी.
मैंने मां से पूछा, तो मां ने खाना बनाते हुए कहा- मोनिषा छत पर है.
मैं तुरंत समझ गया कि मोनिषा छत पर फोन में चुदाई देख रही है क्यूंकि मैंने रात को ही उसके फ़ोन मैं पोर्न मूवी डाल दी थी.
अब मैं रात होने का इंतजार करने लगा और अन्धेरा होते ही मैंने बिस्तर बिछा लिया. साथ ही मैंने मोनिषा के लोवर की नीचे से सिलाई खोल दी, ताकि रात को मुझे कुछ परेशानी ना हो. मगर तभी मुझे सूझा कि आज कुछ तूफानी करता हूँ. मैंने बिस्तर उठा कर छत पर बिछा लिया और मोनिषा को भी छत पर ही सोने को कहा.
मोनिषा ने कहा- ठीक है भैया, मगर पहले खाना तो खा लो.
मगर मुझे तो मेरी बहन की चूत ने दीवाना बना दिया था, तो भला मुझे भूख कैसे लगती.
मैंने मोनिषा से कहा- मुझे भूख नहीं है, तुम खाना खा लो, मैं तब तक बाहर से घूम कर आता हूं.
मैं फ़ौरन मेडिकल जाकर एक कामवर्धक गोली ली और किराना दुकान से एक चोकलेट लेकर जल्दी घर पहुंच गया. घर आकर मैंने टैबलेट खा ली और मोनिषा को चोकलेट दे दी.
वो खुश हो गई.
फिर मैंने कुछ खाना खाया और अब हम दोनों छत पर आ गए.
मैंने मोनिषा से कहा- आज तुझे बहुत अच्छी नींद आएगी.
मोनिषा हंस कर बोली- हां भैया खुली हवा की तो बात ही अलग है.
मैं मुस्कुरा दिया.
इतने में मोनिषा बोली- भैया मैं चेंज कर आती हूं.
ये कह कर वो नीचे चली गई, तब तक मैंने भी पैंट और अंडरवियर निकाल कर एक कम्बल ओढ़ा और लेट गया.
मैंने आज अपनी बहन मोनिषा को आज पूरी तरह से चोदने की तैयारी कर ली थी. अब तक काफी अंधेरा हो गया था.
मोनिषा भी नीचे से छत पर आयी और कम्बल ओढ़ कर सोने लगी.
मैं मोनिषा के पास सरक कर बोला- मोनिषा, मेरे हाथ के अंगूठे में सूजन सा आ गई है.
मोनिषा ने कहा- दिखाओ भैया मुझे.
तो मैंने मोनिषा के हाथ में अपना लंड खड़ा करके पकड़वा दिया. हम दोनों ने कम्बल ओढ़ रखा था और छत पर अंधेरा होने के कारण उसको दिखाई नहीं दिया. मगर वो लंड पकड़ते ही समझ तो गई थी, मगर कहे तो कहे कैसे. उसका मन खुद गर्म हुआ पड़ा था.
वो मेरे लंड को सहलाने लगी और कहने लगी- भैया आपके अंगूठे का साइज तो काफी बढ़ गया है … और सूजन भी काफी है. अगर आप कहें, तो मैं नीचे से तेल ले आऊं.
मैंने कहा- अरे तेल रहने दे, तू थोड़ा मेरे अंगूठे को अगर मुँह में डाल कर गीला कर दे और ऐसे ही सहला दे, तो आराम पड़ जाएगा.
ये कहते हुए मैं थोड़ा ऊपर को सरक गया और मोनिषा के मुँह में अपना लंड डाल दिया.
मैंने कहा- मोनिषा मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा है … अगर तुम थोड़ी देर ऐसे ही मेरे अंगूठे को चूसोगी तो काफी आराम हो जाएगा.
मोनिषा मस्ती से मेरे लंड को चूस रही थी. कुछ देर बाद मैं मोनिषा के मुँह में ही झड़ गया.
मोनिषा बोली- भैया शायद आपके अंगूठे से पानी आ रहा है.
मैंने कहा- तू इतनी देर से मुँह में लेकर चूस रही है ना, इसलिए तुझे ऐसा लग रहा है. या तेरा थूक इकट्ठा हो गया होगा, इसलिए ऐसा लग रहा होगा. तू इसे पी जा.
ऐसा कहकर मैंने अपनी बहन को पूरा वीर्य पिला दिया. लंड खाली होते समय मुझे बड़ा चैन मिल रहा था.
मैंने लंड खाली करने के बाद उससे कहा- चल ठीक है, अब तू सो जा.
मुझे तो पता था कि मोनिषा को सब समझ आने लगा था क्योंकि दिन में उसने टीवी पर चुदाई और फोन में भी चुदाई देखी थी. मगर हम दोनों खुल कर सामने नहीं आना चाहते थे.
मोनिषा सोने का नाटक करने लगी और मैंने कम्बल हटाकर मोनिषा की लोवर को खींचकर निकाल दिया. मोनिषा को सोये हुए को अभी पांच मिनट ही हुए होंगे कि वो इस तरह से नाटक कर रही थी जैसे बहुत गहरी नींद में सो गई हो.
इधर मेरे लंड को चैन नहीं पड़ रहा था वो मेरी बहन कि चूत में घुसने के लिए बेसब्री से इंतजार करने लगा.
मैंने भी मोनिषा की चूत पर पहले हाथ फेरना शुरू किया और धीरे से मोनिषा की टांगों के बीच में जाकर बैठ गया. मैं अपनी बहन की मदमस्त चुत को चाटने लगा. वाकयी में चुत का क्या मस्त स्वाद आ रहा था. फिर मैंने मोनिषा के मुँह की तरफ आकर उसके मुँह में धीरे से अपना लंड डालने की कोशिश की, तो मोनिषा ने भी मुँह खोल दिया और वो मेरे लंड को चूसने लगी.
मगर मोनिषा ने अब तक अपनी आंखें नहीं खोली थीं. वो अभी भी ऐसा ड्रामा कर रही थी, जैसे वो गहरी नींद में हो और नींद में ही मेरे लंड को चूस रही हो.
मैं समझ चुका था कि मेरी बहन भी मुझसे चुदवाने को तैयार है.
मुझसे अब और रहा नहीं गया. मैंने अपनी बहन की चुत पर अपना खड़ा लंड सैट किया और एक झटका दे दिया. लंड ने चुत की फांकों में अपनी राह ढूंढ ली थी. लंड चुत के अन्दर घुसा तो मैंने अपने पूरे लंड को एक ही झटके में अन्दर कर दिया.
लंड पहली बार चुत में घुसा था, तो मोनिषा की चीख निकल गई. मगर एक बार लंड जाने के बाद कौन रुकने वाला था. मैंने उसका मुँह दबा दिया और लंड को अन्दर बाहर करने लगा.
कुछ देर में उसको चैन मिलने लगा. बस फिर चुदाई का खेल चालू हो गया.
फिर तो मेरी हिम्मत खुल गई और मैंने मोनिषा की टी-शर्ट ऊपर करके उसके मम्मों को भी खूब दबाया और निचोड़ा. वो भी टांग हवा में उठा आकर लंड लेने लगी. हम दोनों की ताबड़तोड़ चुदाई होने लगी.
उस रात अपनी बहन को मैंने चार बार चोदा. मगर हर बार की तरह मोनिषा ने सोने का नाटक जारी रखा.
मैं समझ गया कि मोनिषा को अब मैं रोज चोद सकता हूं. सुबह मोनिषा मुझसे पहले उठकर उसने अपने कपड़े ठीक किए और नहा धोकर कॉलेज चली गई.
मगर मुझे तो इस तरह नींद आयी जैसे मैं बेहोश हो गया होऊं. मोनिषा को रात भर में चार बार चोद कर मैं काफी थक गया था. उस दिन भी मैं कहीं भी नहीं गया.
मैं मोनिषा के आने का इंतजार करने लगा. जैसे ही मोनिषा आयी, तो मैंने उससे पूछा- रात को नींद कैसी आयी?
मोनिषा ने हंस कर कहा- भैया नींद तो बहुत ही बढ़िया आयी. अब से हम छत पर ही सोया करेंगे और एक प्रॉमिस आपको मुझसे करना होगा कि आप मुझे रोजाना आपके अंगूठे की मालिश मुँह से करने देंगे. जब तक वो पूरी तरह ठीक ना हो जाए.
मैं समझ गया था कि मैं अब अपनी बहन मोनिषा को रोजाना ऐसे ही चोद सकता हूं.
फिर रात में मोनिषा को जागते हुए ही मैंने उसके सामने अपना लंड खोल दिया और उसने भी ये कह कर लंड मुँह में भर लिया कि आपका अंगूठा बड़ा प्यारा है.
मैंने कहा- ये मेरा लंड है और तू रात को चार बार चुदने के बाद भी सुबह चली गई, ऐसी हिम्मत तुझमें किधर से आ गई थी?
वो हंस कर बोली- भैया मैं अपनी सहेली के घर जाकर सो गई थी और शाम को वापस आ गई हूँ.
बस मेरी बहन और मैं दोनों नंगे हो गए और खुल कर चुदाई का खेल हुआ.
दोस्तो … चमड़े में चमड़ा जाने से कुछ नहीं होता. सोच बदलो, चुत है तो लंड की दुनिया आबाद है.
आशा है मेरी ये सेक्सी सिस्टर की चुदाई कहानी आपको पसंद आई होगी. ये सेक्स कहानी कैसी लगी

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