कुंवारी बहन का बुर खोला जनता कर्फ्यू के दिन

 Antarvasana story:

कुंवारी बहन का बुर खोला जनता कर्फ्यू के दिन
by aakash 07-08-2022 91,981
दोस्तो, आज मैं अपनी पहली सेक्स कहानी लिखने जा रहा हूँ. ये भाई बहन Xxx कहानी 22 मार्च 2020 की है, उस दिन जनता कर्फ़्यू लगाया गया था. इस जनता कर्फ्यू से दो ही दिन पहले 20 मार्च को मेरी और मेरी बड़ी बहन सलमा का निकाह हुआ था.

बाइस मार्च को मैं अपनी आपा को लेने और अपनी बीवी को छोड़ने महू गया था क्योंकि जीजाजी की बहन से मेरी शादी हुई थी और उनकी शादी मेरी बहन से हुई थी.
हमारे यहां ऐसा चलन है.

चूंकि कोरोना की खबरें फ़ैल रही थीं और माहौल सही नहीं था, तो उस दिन मैं ही दोनों को छोड़ने और लेने गया था.

मैं इंदौर में जॉब करता हूँ और उज्जैन में मेरा घर है. अगले दिन तेईस तारीख की देर शाम को मैं बहन को लेकर वापस इंदौर पहुंचा.

उस दिन मुझे ऑफिस का कुछ काम था, तो मैंने सोचा था कि रात को काम करके उज्जैन निकल जाऊंगा.
लेकिन उसी रात को 8 बजे पूरे देश में लॉकडाउन घोषित हो गया तो मैं मेरी बहन वहीं इंदौर में फंस गए.

इंदौर के इस एक कमरे के घर में मैं औऱ बहन ही थे, खाने पीने का सब इंतजाम था … लेकिन बीवी की कमी थी.
अपनी बीवी को यानि मेरी बहन को जीजाजी दो दिन बाद लेने आने वाले थे. उसी समय वो अपनी बहन को मेरे पास छोड़ने वाले थे.

लॉकडाउन लगा, तो कुछ दिन तो यूं ही निकल गए. मगर अब मुझसे चूत के बिना रहना मुश्किल हो रहा था.
कमरा भी एक ही था, तो मैं कुछ कर ही नहीं पा रहा था.

दूसरी तरफ शायद मेरी आपा को किसी तरह की परेशानी नहीं थी.

एक दिन मेरी बहन नहाने गई तो मैं मोबाइल पर अपनी बीवी से बात करने लगा.

उससे बात करतें करते सेक्स की बात होने लगी और मैं ये भूल गया कि बहन नहाने गई है.
मैं अपने लंड को हिलाने लगा और जब लंड की छूट होने वाली थी, तभी बहन नहा कर कमरे में आ गई. उस समय मैं अपने चरम पर था … तो मैं अपने आपको रोक ही नहीं पाया और बहन के सामने ही अपना माल निकाल बैठा.

फिर उसे देख कर मुझे शर्म आ गई तो झेम्प कर बाथरूम में चला गया.

उस पूरे दिन मैंने अपनी बहन से कोई बात नहीं की. रात को बहन ने खाना बनाया और हम दोनों खाना खाने बैठ गए.

थोड़ी देर बाद बहन बोली- भाभीजान की याद आ रही है?
मैंने धीमे से कहा- हां.
वो कुछ नहीं बोली.

तो मैंने उससे पूछा- तुम्हें जीजाजी की याद नहीं आ रही?
बहन बोली- तुम्हारे जीजाजी से अभी तक सिर्फ दो बातें ही हुईं थीं और उसी दिन वो अपने किसी काम से ऑफिस चले गए थे. फिर जब वो लौटे, तो तुम लेने आ चुके थे. मैं बिना उनसे मिले तुम्हारे साथ आ गई.

मैंने पूछा- तो तुम्हारी सुहागरात नहीं मनी?
वो दुखी स्वर में बोली- नहीं.

ये सुन कर मैं सन्न रह गया, मेरी बहन एकदम कुंवारी चूत वाली थी. लेकिन मन में एक अनजानी ख़ुशी भी थी कि मुझे दस दिन में दूसरी सील पैक चूत चोदने को मिल सकती है क्योंकि हमारी यहाँ अपनी बहन को चोद देना कोई बड़ी बात नहीं है.

मैं उस समय तो चुप रह गया और हम दोनों सोने की तैयारी करने लगे.
मेरे रूम में पलंग नहीं था. मैं हमेशा ज़मीन पर ही सोता था क्योंकि अकेला रहता था.

सोने से पहले हम दोनों बात करने लगे.

मेरी बहन बोली- जब भी तुम्हें भाभी की याद आती है, तो क्या तुम ऐसे ही करते हो?
मैंने उसकी बात समझ ली कि ये मुठ मारने की बात कर रही है.

मैंने कहा- हर बार नहीं, कभी कभी.
वो बोली- क्या इसमें वो ही मजा आता है, जो भाभी के साथ आता है!

मैं बोला- नहीं, उसका मजा ही अलग है.
आपा बोली- मैं इस मजे से अभी दूर हूँ … लॉकडाउन खुलेगा, तब तेरे जीजाजी आएंगे, उसके बाद ही मुझे इस मजे का मालूम पड़ेगा.

ये सुन कर मैं बोला- आपा, जिस तरह मैं तेरी भाभी के बिना करता हूँ, तुम क्यों नहीं कर लेतीं.
वो बोली- जो काम एक मर्द कर सकता है … वो औरत नहीं कर सकती.

इस तरह की बातों के बाद मुझे कुछ वासना चढ़ने लगी और मैं मन मसोस कर सोने लगा.
बहन भी सो गई.

मुझे नींद नहीं आ रही थी.
मैं आपा की बातों को याद करने लगा तो मुझे उसका इशारा समझ आने लगा.

तब भी मैं उससे सेक्स के लिए कह नहीं पा रहा था. मेरे मन में आपा को चोदने का जी कर रहा था पर उसे कैसे चोदूं ये समझ नहीं आ रहा था.

अगले दिन सब कुछ रोज जैसे ही हुआ.

रात को मैंने आपा से कहा- आप चाहो तो जो मैं अपनी बीवी को याद करके करता हूँ … आप जीजाजी को याद करके कर लो.
वो बोली- नहीं.

फिर मैंने कहा- आपा आप कब तक इंतजार करोगी?
आपा मेरी आंखों में आंखें डालकर बोली- तू क्या चाहता है?

मैंने हिम्मत करके कहा- मैं आपको चोदना चाहता हूँ.
आपा मुस्कुरा कर बोली- बहुत बड़ा लंडधारी हो गया है!

मैं बहन के मुँह से लंड सुनकर गर्मा गया और बोला- आप एक मौका तो दो … जीजाजी को याद नहीं करोगी.
आपा बोली- तेरे जीजाजी ने अभी तो चूत के दर्शन भी नहीं किए, सिर्फ मम्मे ही दबाए थे.

मैं अब खुल कर बोला- जब जीजाजी आएंगे, तब तक तो मैं आपकी चूत का भोसड़ा बना दूंगा.
आपा बोली- हां, जैसे अभी तुमने भाभी की चूत का भोसड़ा बना ही दिया होगा.

मैंने कहा- मेरे सामने अपनी भाभी से बात कर लो, अगर उसका जबाब सही लगे … तो फैसला कर लेना कि क्या करना है.
आपा बोली- ये बात!
मैंने कहा- हां ये बात.

फिर आपा ने मेरी बीवी को फ़ोन लगाया और इधर उधर की बात करके उससे सीधे सुहागरात की बात पूछ डाली.

मेरी बीवी बोली- आपा, सिर्फ एक रात साथ बिताई थी, तो सात दिन तक सही से चल भी नहीं पाई थी. एक दो दिन और रुक जाती तो आपके भाई मेरी चूत का भोसड़ा बना डालते. मैं तो अभी ये सोच कर डर रही हूँ कि जब घर जाऊंगी, तो मेरा क्या होगा.

ये सुन कर आपा ने फ़ोन काट दिया और मुझसे बोली- ठीक है, मैं तुमसे चुद लूंगी … लेकिन ये बात किसी को पता नहीं चलना चाहिए.
मैंने कहा- तो आज आपकी सुहागरात मनेगी.

आपा तैयार होने लगी. मैं रात के अंधेरे में बाहर निकला और पास के गार्डन से कुछ फूल तोड़ लाया.
मैंने बिस्तर पर फूल सजा दिए. आपा बिस्तर पर घूंघट में बैठ गई.

मैंने आपा का घूंघट हटाया और उसे एक अंगूठी गिफ्ट दी, जो मैं अपनी पत्नी के लिए लाया था.

आपा अंगूठी देख कर खुश हो गई क्योंकि उसे उम्मीद ही नहीं थी कि चुदाई से पहले उसे गिफ्ट मिलेगा.

अब मैं अपनी बहन को किस करने लगा और मेरे बहन मुझे चूमने लगी.

कुछ देर की चूमाचाटी के बाद मैंने आपा की कुर्ती खोल दी और उनके मस्त मम्मे चूसने लगा.
आपा ने भी मेरे लोवर मैं हाथ डालकर मेरा लंड पकड़ लिया और उसे हिलाने लगी.

मेरा लंड खड़ा हो गया तो आपा बोली- भाई इतना बड़ा लंड घर में था … और मैं चुदाई के लिए शादी का इंतजार करती रही. अब जल्दी से चोद दो भाई!
मैंने कहा- थोड़ा रुको, तेरी चुत चोदने में अभी मैं कुछ टाइम लूंगा.

मैंने आपा की सलवार खोल दी और उसकी सफाचट चूत देखकर मेरा दिमाग ख़राब हो गया.
बहन की चुत बिल्कुल कसी हुई चूत थी. देख कर ही साफ़ समझ आ रहा था कि बहन ने अपनी चुत में कभी अपनी उंगली भी नहीं घुसाई होगी.

सलमा की चुत देखते ही मैंने उसे लिटा दिया और उसकी टांगें खोल कर उसकी टांगों के बीच में आ गया.

मैंने अपनी जीभ बहन की चूत पर रख दी, तो मेरी बहन एकदम से सिहर उठी.
उसने अपनी टांगों से चुत को छिपाने की कोशिश की मगर मैंने उसकी दोनों टांगों को फैलाए रखा और अपनी जीभ से बहन की चुत को चाटना शुरू कर दिया.

ज्यादा से ज्यादा बीस सेकंड ही बहन ने अपनी चुत की चटाई के लिए टांगें फड़फड़ाईं, फिर खुद ही चुत खोल कर मेरे मुँह में देने लगी.
उसकी कमर उठने लगी थी और मैं उसकी चुत की फांकों को अपने होंठों से पकड़ पकड़ कर खींचते हुए चूस रहा था.

मैं बहन की चुत के ऊपर फूले से मटर के दाने को खींच कर चूस रहा था और जीभ को चुत के अन्दर तक डालकर चाट रहा था.

कोई तीन चार मिनट की चुत चटाई से ही आपा की चुत रोने लगी और वो मेरे मुँह में ही झड़ गई.

बहन के झड़ जाने के बाद भी मैं उसकी चुत को चाटता चूसता रहा.

इससे मेरी बहन फिर से गर्मा गई.
वो मेरे लंड को पकड़ने लगी, तो मैंने उससे कहा- मुँह में लंड लेकर चूस दो.

उसने मुँह फेर लिया.
मैंने सोचा कि शायद मेरी बहन मेरा लंड चूसने में शर्मा रही है, इसलिए मैंने उसके मुँह में लंड डालना चाहा.

उसने मना कर दिया और बोली- मुँह में फिर कभी और ले लूंगी, अभी मेरी चूत चोद दो और पहले इसका भोसड़ा बना दो.

मैंने उसकी बात मान ली और उसे चुदाई की पोजीशन में लिटा कर उसकी चूत पर लंड सैट कर दिया.

मेरी बहन ने जैसे ही अपनी चुत पर लंड का गर्म अहसास किया, वो अपनी गांड उठाने लगी और लंड कि अन्दर पेलने की कहने लगी.
हालांकि मुझे मालूम था कि इसे अभी चुदने का तजुर्बा नहीं है. जिस समय इसकी चुत को चीर कर लंड अन्दर घुसेगा, तब इसे अहसास होगा कि लौड़ा किसे कहते हैं.

मैंने उसकी आंखों में झांका … तो वो मुझे चोदने के लिए गांड उठाती दिख रही थी.
मैंने उससे कहा- झेल लेना.

वो नशीली आंखों से मुझे देखते हुए बोली- क्यों … आर-पार निकालेगा क्या?
मैंने हंस कर कहा- आर-पार तो नहीं … लेकिन काफी अन्दर तक घुसेगा.
वो बोली- हां, मुझे मालूम है कि अन्दर तक घुसेगा. सबकी चुत में अन्दर ही घुसता है.

उसके मुँह से ये सुनकर मैंने सोचा कि कहीं साली चुद तो नहीं चुकी है.

फिर मैंने उससे पूछा- तुझे मालूम है कि लंड जब चुत में जाता है, तो कैसा लगता है!
वो बोली- मुझे कैसे मालूम होगा … मैंने अभी तक लंड लिया ही नहीं है.

मैंने पूछा- तो तुम्हें कैसे मालूम है कि ज्यादा अन्दर तक घुसता है?
वो चुप हो गई.

मैंने उससे फिर से पूछा- बता न!
वो बोली- बाद में बता दूंगी … अभी डाल जल्दी से.

मैंने कहा- क्यों अभी बताने में शर्म आ रही है क्या?
वो सर हिला कर हां बोली.

मैंने कहा- साली, अपनी चुत पर लंड रखवाए हुए हो और शर्मा रही हो. बता न कैसे मालूम तुझे?
वो बोली- मैंने मोबाइल में देखा है.

मैंने कहा- चुदाई देखी है.
वो बोली- हां.

मैंने कहा- तो उसमें क्या क्या देखा?
वो गांड उठा कर बोली- सब बता दूंगी भैन के लंड, अभी लौड़ा अन्दर डाल कमीने.

मैंने आव देखा न ताव और एक ही बार में पूरा लंड चुत में घुसेड़ दिया.

मेरी बहन की चीख निकल गई और आंसू आ गए. वो दर्द से कलपने लगी और छटपटाने लगी.

अब मेरी बहन मुझसे लंड निकालने की कह रही थी.
मैं थोड़ी देर रुक गया और उसकी चूची सहलाने लगा. एक चूची के निप्पल को चूसने लगा.
इससे उसे राहत मिलने लगी और वो शांत हो गई.

मैं फिर से धीरे धीरे लंड चुत में अन्दर बाहर करने लगा.

उसकी दर्द और वासना से मिश्रित आवाजें आने लगी.
मैंने अपनी रफ्तार बढ़ा दी और दस मिनट नॉन स्टॉप चुदाई के बाद आपा की चूत में झड़ गया.

जब मैंने चुत से लंड बाहर निकाला, तो मेरा पूरा लंड खून से लाल हो गया था.

मैंने सोचा कि ये खून देख कर डर ना जाए.
पर आपा ने लंड देख लिया था.
वो चुत पर हाथ रखते हुए बोली- डरो मत … चूत की सील टूटती है, तो खून निकलता ही है.

मैं समझ गया कि बहन को चुदाई का पूरा ज्ञान है … बस ये चुदी ही नहीं थी.

फिर आपा उठी और बाथरूम करने जाने लगी. लेकिन आपा की चाल देखकर मुझे हंसी आ रही थी.

आपा बोली- ज्यादा हंसो मत साले … चुत में बहुत दर्द हो रहा है.

फिर वो बाथरूम से चुत साफ़ करके आ गई और मुझसे चिपक कर लेट गई. मैंने उसे फिर से प्यार करना शुरू कर दिया.

थोड़ी देर बाद चुदास फिर से भड़क गई और चुदाई का खेल शुरू हो गया.

उस रात मैंने आपा की तीन बार चुदाई की.

इसके बाद तो ये सिलसिला तब तक चलता रहा, जब तक लॉकडाउन नहीं खुला. मैं रात में बहन की चुत चोदता औऱ दिन में आपा जीजाजी से फ़ोन पर सेक्स करती ताकि जीजा जी को लगे कि आपा ने अपनी उंगली से चूत का ये हाल किया है.

लॉकडाउन के बाद मेरी बहन जीजा के पास चली गई और मेरी बीवी मेरे पास आ गई.

मगर मेरी बहन को मेरे लंड का स्वाद मिल गया था, तो वो मुझसे चुदवाने के लिए मचलने लगी थी.
अब जब भी मुझे और उसे मौका मिलता है. हम दोनों चुदाई कर लेते हैं.

आपा जब भी मुझसे चुदाई करवाती है, तो ये जरूर कहती है कि अकील तुम्हारी तरह तुम्हारे जीजा भी नहीं चोद पाते हैं.

सगे भाई ने ब्लैकमेल करके चोदा वर्जिन बहन को घोड़ी बनाया बहन की कुंवारी गांड में लंड घुसाया और गांड मारी गांड मारने के बाद सील पैक चूत की सील तोड़ी XXX हिंदी सेक्स कहानी : मेरा भाई हमेशा मुझे गलत नजर से देखता था. मैंने कई बार देखा है कि मेरा भाई कभी गंदी किताब पढ़ कर अपने लम्बे और मोटे लौड़े को हिला रहा है. वो मौका देख कर मुझे कपड़े बदलते देखता था, वो कभी-कभी मुझे नहाते भी देखा करता था लेकिन मैंने कभी उस इस बात को कभी किस से नहीं कहा.
मुझे ब्लैकमेल करके मेरी वर्जिन गांड और चूत में भाई के लंड घुसाने की यह सेक्सी घटना इन्हीं सर्दियों की है, एक बार वो अपना मोबाइल अपने कमरे में छोड़कर नहाने चला गया तो मैंने उसके मोबाईल में देसी सेक्स विडियो देखी जिसमें एक बहुत खूबसूरत और सेक्सी नंगी लड़की एक लड़के का काला लम्बा लंड अपने मुह में लेकर चूस और चाट रही होती है और दो लड़के उस सेक्सी नंगी लड़की की चूत और गांड (Ass) मार रहे होते हैं. उन दोनों लड़कों के लंड बहुत मोटे थे कि मैं तो देख कर डर गई थी.
भाई ने ब्लैकमेल करके चोदा घोड़ी बनाया बहन की कुंवारी गांड में लंड घुसाया XXX हिंदी सेक्स कहानी
मेरे भाई के आने का टाइम हो गया था इसलिए मैंने मोबाइल जैसे रखा था, वैसा ही रख दिया. एक बार मैं उसके कमरे में उसे उठाने के लिए गई तो मैंने देखा कि उसका लंड उसकी पैंट से बाहर निकला हुआ था और तना हुआ था, उसका लंड बहुत मोटा और लम्बा था. मैं तो उससे डर कर कमरे से बाहर आ गई. उस दिन के बाद तो मुझे भाई से थोड़ा डर लगने लगा. एक बार की बात है पापा मम्मी किसी विवाह में गए थे, वहाँ से वे चार दिन बाद आने वाले थे. उस दिन हम सारे बहन भाई एक कमरे में सो गए.
मेरा प्यारा भाई मेरे साथ ही सो गया था. रात को करीब दो बजे मैंने देखा की मेरे चूतड़ों पर कुछ चुभ रहा है, देखा तो मेरे भाई का लंड था जो उसकी पैंट से बाहर था. यहाँ भी देखें: भैया की सेक्स करने की इच्छा नहीं थी मैंने चोदा सेक्सी भाभी की चुत कोमैंने देखा कि भाई तो सोया हुआ है तो मैंने उसे हाथ से हटाने के लिए छुआ तो मुझे वो सखत और प्यारा सा लगा, मुझे उसे छूने में मजा आ रहा था. फिर मैं उससे थोड़ा दूर हो गई ताकि वो मेरे चूतड़ों को छुए ना! फिर मैं सो गई, फिर आधे घंटे बाद वो फिर मेरी कुंवारी गांड में चाकू की तरह से चुभ रहा था.
अब मुझे पता चल गया कि मेरा भाई जानबूझ कर अपना लंड मेरी गांड में चुभा रहा है. मैंने सिर्फ सोने की एक्टिंग कर रही थी और उसकी गन्दी हरकतें महसूस कर रही थी! उस दिन सिर्फ यही हुआ. उससे अगले दिन भाई अपने किसी काम से बाहर चला गया. मेरी गली का एक लड़का था वो मेरा बॉयफ्रेंड था पर उस मादरचोद ने आज तक ना तो मुझे किस किया और ना ही इसके अलावा कुछ और! असल में मैंने ही उसे कुछ करने ही नहीं दिया. उसे पता लग गया था कि मैं घर पर अकेली हूँ तो उस दिन वो मेरा घर पर आया और मुझे किस करने लगा.
मैं जाकर लेटने लगी कि तभी मेरा भाई आ गया और मेरे पास बैठकर मुझसे बोला- मैंने सब देख लिया है कि तू आज अपने बॉयफ्रेंड के साथ क्या कर रही थी और फिर वो मुझे ब्लैकमेल करने लगा की यह बात पापा और मम्मी को बता दूँगा. मेरा भाई मुझे ब्लैकमेल कर रहा था जिस वजह से मैं बहुत ज्यादा डर गई कि मैं अब क्या करूँ, मैंने भाई से कहा- तू भी तो करता होगा किसी लड़की के साथ ये सब गन्दी हरकतें मुझे क्या ब्लैकमेल कर रहा है.
  मेरे लंड से गर्लफ्रेंड की रंडी सहेली ने चूत चुदवाई XXX Story
तो मेरे भाई ने कहा- मेरी ऐसी किस्मत कहाँ कि मैं किसी लड़की के साथ ऐसा करूँ. कोई लड़की मौका ही नहीं देती है. मैंने मेरे बहनचोद भाई से बोला की लड़की कभी मौका नहीं देती, लड़के को ही मौका देख कर उस बाहों में भर लेना चाहिए. तो भाई ने मेरा हाथ पकड़ा और कहा- अगर मैं किसी लड़की का हाथ ऐसे पकड़ लूँ तो इसके बाद क्या करना चाहिए? ‘तो उसका हाथ खींच कर उस अपनी बाहों में भर लेना और उसके होंठों को चूम लेना.’ इतना कहने की देर थी कि भाई ने मुझे अपनी बाहों भरा और मुझे किस करने लगा.
मैंने अपने आप को छुड़ाने की कोशिश की लेकिन छुड़ा नहीं पाई. फ़िर उस सेक्स के भूखे मर्द ने एक हाथ अपना मेरी चूची पर रखा दिया और दबा दिया. मैं सिसकार उठी लेकिन उसकी पकड़ से अपने आप को छुटा ना सकी और कुछ देर बाद मैं भी उसका साथ देने लगी, उसके साथ चूमाचाटी करने लगी. फिर उस सेक्स के भूखे मर्द ने मेरा कुर्ता उतार दिया. मैं अब उसके सामने ब्रा में थी. उस सेक्स के भूखे मर्द ने मेरी ब्रा भी उतार दी, अब मैं अधनंगी हो चुकी थी.
फिर वो अपने हाथों से मेरी चूचियाँ दबाने लगा और मेरी सील पैक वर्जिन चूत पर अपना हाथ फिराने लगा. मुझे कुछ ग्लानि महसूस हो रही थी कि वो मेरा भाई है, मैं उससे छुट कर दूसरे कमरे में आ गई और दरवाज़ा बंद कर लिया और दूसरे कपड़े पहन लिये. वैसे मजा मुझे भी आ रहा था पर मैंने अपने आपको रोका कि वो मेरा भाई है.

कुछ देर बाद मेरी दोनों बहनें सोने के लिए आ गई तो उन्होंने भाई से मेरा बारे में पूछा- जोया कहाँ पर है? तू उस सेक्स के भूखे मर्द ने कहा- वो दूसरे कमरे में है. और मेरी दोनों बहनें सो गई.
मुझे भाई के सामने जाने में भी शर्म आ रही थी. फिर मेरा भाई मेरे कमरे का दरवाजा खटखटाने लगा, उसके लाख बार कहने पर मैंने दरवाज़ा खोला और वो जल्दी से कमरे में आया और दरवाज़ा लगा दिया. इससे पहले मैं कुछ कहती, उस सेक्स के भूखे मर्द ने मुझे पकड़ा किस करने लगा. मुझे पता चल चुका था कि आज मुझे चुदना ही पड़ेगा. और फिर से उस सेक्स के भूखे मर्द ने मेरा कुर्ता भी उतार दी और मुझे आधी नंगी करके मेरी चूत पर अपना हाथ फिराने लगा.
मैंने उसे कहा- यह गलत है. तू उस सेक्स के भूखे मर्द ने कहा- तू ही तो कह रही थी कि लड़की कभी मौका नहीं देती, लड़के को ही मौका देखकर उस बाहों में भर लेना चाहिए. मैंने मेरे बहनचोद भाई से बोला की मैं तेरी सगी बहन हूँ! फिर उस सेक्स के भूखे मर्द ने कहा- है तो तू लड़की ही और तेरी गांड और चूत बनी भी चुदने के लिए ही है! वो ज्यादा ज़िद करने लगा तो मैंने कह दिया- ऊपर-ऊपर से कुछ भी कर ले उस से ज्यादा मैं नहीं करने दूँगी.
उस सेक्स के भूखे मर्द ने मेरी बात मानी और मुझे किस करने लगा, ऊपर से मेरी चूची को दबाने लगा और फिर थोड़ी देर बाद मेरी चूची को चूसने लगा. मैं बहुत गर्म होने लगी और मुझसे फिर अपनी सलवार उतारने को कहने लगा. उसके ज्यादा जिद करने पर मैंने सलवार उतार दी और उस सेक्स के भूखे मर्द ने जल्दी से मेरी पेंटी भी उतार दी. अब मैं उसके सामने बिल्कुल नंगी थी. उस सेक्स के भूखे मर्द ने मेरी चूत में उंगली घुसा दी, मैं सिसकार उठी और वो उंगली ज़ल्दी-जल्दी अन्दर बाहर करने लगा जिससे मैं और गर्म हो गई.
  भोसड़ी चुदाई करी महिला इंजीनियरिंग कॉलेज की विधवा प्रिंसिपल की
फिर उस सेक्स के भूखे मर्द ने मुझे मेज पर बैठाया, इससे मेरी चूत और खुल गई और वो और वो झुक कर मेरी चूत को चाटने लगा. उसकी इस हरकत से मुझे बड़ा मजा आया और मैं इसे और ज्यादा गर्म हो गई और उसके सिर पर हाथ फिराने लगी. काफ़ी देर तक मेरी चूत चाटी उस सेक्स के भूखे मर्द ने और फ़िर  अपना मुसल जैसा लौड़ा निकाला. मैं तो उस देख कर ही डर गई, वो 9 इंच लम्बा और 3 इंच मोटा था.
उस सेक्स के भूखे मर्द ने वो मेरी चूत पर लगाया तो मैंने मेरे बहनचोद भाई से बोला की मैंने कहा था कि सिर्फ ऊपर-ऊपर से कुछ भी कर सकते हो! उस सेक्स के भूखे मर्द ने कहा- दीदी, मैं वो ही तो कर रहा हूँ, मैं तो इस पर इसे फिरा रहा हूँ इसकी ऐसी किस्मत कहाँ कि आप जैसी सुन्दर लड़की की चूत मिले! मैंने मेरे बहनचोद भाई से बोला की अच्छा. मैंने जैसे ही यह बात कही, उस सेक्स के भूखे मर्द ने लंड में बहुत तेज धक्का मारा और उसके लंड का टोपा मेरी चूत में घुस गया. मुझे बहुत दर्द हुआ और मेरी चूत से खून निकलने लगा, मेरी आँखों से आँसू निकल गये. मैंने उसकी पकड़ से छुटने की बहुत कोशिश की पर छुट नहीं पाई.
उस सेक्स के भूखे मर्द ने एक धक्का और मारा जिससे उसका आधे से ज्यादा लंड मेरी चूत में घुस गया और मैं एक बार चीख पड़ी- अई… अई… मर गई! फिर उस सेक्स के भूखे मर्द ने एक और धक्का मारा और उसका सारा लंड मेरी चूत में घुस गया और उस सेक्स के भूखे मर्द ने मुझे फिर से किस करना चालू कर दिया और तब तक करता रहा जब तक मैं नार्मल नहीं हो गई और तब फिर से लंड को अन्दर बाहर करने लगा, अब मेरी चूत में दर्द तो हो रहा था पर पहले जितना नहीं. जब उसका लंड मेरी चूत के अन्दर जाता तो कभी-कभी मेरी बच्चेदानी की दीवार से टकराता जिससे मैं ‘आअअहह अअआहहह ऊई…’ कर रही थी क्योंकि मुझे दर्द होता था, वैसे अब मुझे मजा आने लगा था और लंड ने मेरी चूत में जगह बना ली थी.
अब तो भाई का हर धक्का मुझे बड़ा मजा दे रहा था. फिर वो मुझे मेज से उठा कर बिस्तर पर ले गया और मुझे चूमने लगा और फिर से  अपना मुसल जैसा लौड़ा मेरी चूत में घुसेड़ दिया. अब दर्द तो हो रहा था पर मजा भी बहुत आ रहा था, उसका मोटा लंड मेरी चूत की खुज़ली अच्छी तरह मिटा रहा था. उस मुझे 20 मिनट तक चोदा और उसका स्पर्म (वीर्य) मेरी चूत में निकल गया और मेरी भी साथ ही निकल गया. मुझे पता नहीं था कि चुदाई में इतना मजा आता है वरना मैं तो कब की चुदवा चुकी होती किसी ना किसी मर्द से!
मेरी सुंदरता के तो वैसे भी सारे लड़के और आदमी दीवाने थे. फिर भाई मेरी ऊपर ही सो गया और जब हमने आँखें खोली तो 2:00 बजे गए थे. भाई फिर से मुझे गर्म करने लगा तो मैंने मना कर दिया, मुझे दर्द भी हो रहा था और चक्कर भी आ रहे थे. फिर भाई उसी कमरे में सोने चला गया जिसमें मेरी बहनें सोई थी. मैं पहले वाशरूम में फ्रेश होने गई और फिर आकर उसी कमरे में भाई के पास लेट गई.

भाई गहरी नीद में था! सुबह मेरी बहन ने मुझे उठाया और मैं सही से चल भी नहीं पा रही थी आखिर कल रात मेरे सगे भाई ने मेरी गांड और चूत की सील जो तोड़ी थी सो दर्द बहुत हो रहा था.
  भाई ने बूर और बच्चेदानी का कचूमर बना दिया चोदते चोदते Sex Story
मेरी बिगड़ी चाल देखकर मेरी बहन ने मुझसे पूछा- क्या हुआ दीदी ? मैंने बोला की पता नहीं, पैर में मोच आ गई है! पर उसने मेरी सलवार पर खून देख लिया, वो बच्ची तो नहीं थी, सब समझ गई थी कि दीदी की सील टूट चुकी है. जब से मैं चुदी थी तब से मेरा मन किसी काम में नहीं लग रहा था. छुटकी ने कहा- दीदी, भाई को चाय पीने के लिए जगा दो! तो मैं भाई को जगाने के लिए चल दी. मैंने भाई को जगाया तो उस सेक्स के भूखे मर्द ने मुझसे पूछा- ज्यादा दर्द तो नहीं हो रहा है?
मैंने मेरे बहनचोद भाई से बोला की कहा था ना कि सब ऊपर-ऊपर से करना पर तूने मेरी सील भी तोड़ दी और मेरा घमण्ड भी कि मैं अपने पति के अलावा किसी से नहीं चुदाऊँगी. तेरा लंड बहुत मोटा था फिर भी मेरी वर्जिन चूत को फाड़ते  हुए मेरी बच्चेदानी तक चला गया, यह कैसे कर दिया तूने! ‘यह मेरे जादुई लंड का कमाल है.’ भाई बोला. फिर हम सबने खाना खाया और मेरी बहनें अपने-अपने काम में लग गई. वो टी.वी देख रही थी, मैं रसोई में थी. तभी भाई आया और पीछे आकर मेरे मम्मे बहुत तेज भींच दिए जिससे मैं चिल्ला उठी और यह आवाज मेरी छुटकी बहन ने सुन ली.
हमारी छोटी बहन रसोई की तरफ आकर हमरी गन्दी हरकत देखने लगी. तभी भाई ने मेरे सारे कपड़े उतार कर मुझे पूरी नंगी कर दिया और मेरी चूत को चाटने लगा जिससे मैं थोड़ी देर में गर्म हो गई और फिर उस सेक्स के भूखे मर्द ने अपने लम्बे और मोटे लौड़े को निकाला और मुझसे उसे चूसने के लिए कहने लगा. मैंने पहले तो मना किया पर उसकी ज्यादा जिद करने पर चूसने लगी और फिर उस सेक्स के भूखे मर्द ने मुझे घोड़ी बनाया और मेरी चूत में लंड घुसाने लगा.
मैंने उस बहन के लंड को मना किया तो उस सेक्स के भूखे मर्द ने अपने लंड पर बहुत सारा थूक लगाया और गांड मारने के लिए मेरी कुंवारी गांड में लंड लगा कर जोर लगाया और उसका लंड मेरी कुंवारी गांड में मेरे भाई का आधा लौड़ा घुस गया जिससे मैं दर्द के मारे क़राह उठी. मैंने मेरे बहनचोद भाई से बोला की भाई तू मुझे मार ही डालेगा आज तो जरा प्यार से चोद मैं तेरी बहन हूँ ना की कोई रांड.
उस सेक्स के भूखे मर्द ने मेरी बात अनसुनी की, एक बार और जोर मारा जिससे सारा लंड मेरी कुंवारी गांड में घुस गया और मैं चुदाई के दर्द के मारे आह… हआआ… आहहआ ऊई ऊई ऊई… करने लगी. गांड (Ass) मरवाने में चूत जितना दर्द ही हो रहा था. भाई ने 10 मिनट तक मेरी कुंवारी गांड की खूब जमकर चुदाई करी और जब स्पर्म (वीर्य) आने वाला था तो अपना मुसल जैसा लौड़ा निकालकर सारा स्पर्म (वीर्य) मेरे खूबसूरत चेहरे पर गिरा दिया और बाद में मुझसे पूछा- मजा आया घोड़ी बनकर गांड मरवाने में?
तो मैं लाज के मारे कुछ नहीं बोली और वाशरूम में अपने आप को साफ करने के लिए जैसे ही उठी तो मैंने देखा कि छुटकी सब देख चुकी है. और वो मुझे वहाँ आता देख वहाँ से चली गई. बाद में मैंने यह बात भाई को बताई तो भाई ने कहा- उसे भी चुदवा दे, उसका भी मन करता होगा किसी से अपनी चूत मरवाने का! अब मैं समझने लगी थी कि मेरे भाई पर सिर्फ मेरा हक़ है, मैं उसे किसी के साथ शेयर नहीं करना चाहूँगी चाहे वो मेरी बहन ही क्यों ना हो, इसलिए मैंने कह दिया- वो बच्ची है, उसे बड़ी होने दे, तेरे लंड को अपनी कुंवारी गांड और चूत में लेने लायक तब मैं उससे बात करूंगी फिर तू उसे भी घोड़ी बनाकर खूब मजे से चोदना और हम तीनों मिलकर थ्रीसम सेक्स करा करेंगे…

Post a Comment

0 Comments